ahtv desk5 मार्च 20205 मिनट पठन8 मार्च – अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास– सोनी सिंह 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस दुनिया भर में हर साल मनाया जाता है। यह महिलाओं की आर्थिक, राजनीतिक और सामजिक उपलब्धियों के...
GDP Singh5 मार्च 20204 मिनट पठनमहाभारत कालीन घटनाओं के साक्षी पांंगणा के अम्बरनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार में निकली प्राचीन मूर्तियांडा. जगदीश शर्मा, पांगना पश्चिम हिमालय की जलोड़ी श्रीखंड पर्वत श्रृंखला के अंतर्गत सुरम्य शिकारी देवी शिखर के आंचल में स्थित पौराणिक नगरी...
GDP Singh4 मार्च 20202 मिनट पठनकब जागेगा पुरातत्व विभाग - सुकेत रियासत के पुरातात्विक इतिहास को किया जा रहा है नजरंदाजभारतीय संघ में सबसे पहले शामिल होने वाली सुकेत रियासत अपने इतिहास को नजरंदाज किये जाने से दुख के आंसू रो रही है। हिमाचल प्रदेश की...
-19 फ़र॰ 20205 मिनट पठन19 फरवरी 1948 - जब सुकेत विद्रोहियों ने पांगना के किले को ले लिया था अपने कब्जे में -सुकेत विद्रोह का अंतिम चरण - तुलसीराम गुप्ता की कीलम से... 19 फरवरी 48 को लगभग 3000 सत्यग्रही तिरंगा लेकर नारे लगाते हुए बड़े उत्साह से...
-18 फ़र॰ 20203 मिनट पठनआज के दिन 18 फरवरी को सुकेत विद्रोहियों ने किया था करसोग चौकी पर कब्जा - तुलसीराम गुप्तासुकेत सत्याग्रह का अन्तिन चरणः अब वह दिन भी आ गया था, जिसका सभी को इंतजार था। सभी के दिल धड़क रहे थे। 17 फरवरी 1948 की रात्री को...
GDP Singh11 फ़र॰ 20205 मिनट पठनपहचान खोता हुआ पांगना का ऐतिहासिक किला किसी भी सरकार ने नहीं ली इस ऐतिहासिक धरोहर की सूधमहामाया मंदिर और पांगना किले को पूरातात्विक महत्व का स्थल घोषित किया जाए गगनदीप सिंह इतिहास, संस्कृति, पूरातात्विक महत्व की जगहों के...
GDP Singh4 फ़र॰ 20203 मिनट पठनप्रजा मंडल कार्यकर्ताओं पर किस तरह जुल्म किये राजा लक्षमण सेन ने - तुलसीराम गुप्ता प्रजामंडल सदस्यों को दिशा निर्देशः- राजा की वापसी के बाद प्रजामंडल के सदस्य और अधिक सक्रिय हो गए। पांगना में एक आवश्यक बैठक में सभी...
GDP Singh4 फ़र॰ 20204 मिनट पठनसुकेतियों ने राजा लक्षमण सेन को क्यों दिखाए थे काले झंडे - तुलसीराम गुप्ता ‘सुकेत सत्याग्रह का अगला चरण’ ‘प्रजामंडल की स्थापना’ तहसील करसोग में सर्वप्रथम अप्रैल 1945 में पांगना में सर्व श्री पं. नरसिंह दत्त, ला....
GDP Singh1 फ़र॰ 20202 मिनट पठन“सुकेत सत्याग्रह का पहला चरण” - तुलसी राम गुप्ताराजा के जुल्मों से तंग होकर रियासत सुकेत के दैरडू गांव (वर्मतामन सुंदरनगर तहसील के अंतर्गत) के मिया रत्न सिंह के नेतृत्व में कार्तिक 1981...
GDP Singh25 जन॰ 20205 मिनट पठनकरसोग के स्वतंत्रता सेनानियों का संक्षिप्त परिचयफोटो सहित देखने के लिए फोटो पर क्लिक करें करसोग स्वतंत्रता सेनानी फोटो 1. 📷श्री अमर सिंह सुपुत्र श्री नाहर, गांव लस्सी, डाकखाना छतरी,...
GDP Singh25 जन॰ 20203 मिनट पठनसुकेत रियासत को 1947 में नहीं 1948 में मिली थी आजादी 26 फरवरी 1948 विद्रोहियों ने सुकेत रियासत पर कब्जा कर राजा को भारत में विलय के लिए किया था मजबूर 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवास और 26 जनवरी...
GDP Singh24 जन॰ 20204 मिनट पठन “रियासत सुकेत का शासन तंत्र” - तुलसी राम गुप्ता भारत आपसी फूट के कारण ही परतन्त्र होता रहा है। मुगलों के बाद अंग्रेजों ने इसका भरपूर लाभ उठाया। अंग्रेज व्यापार करने आए और शासक बन गए।...
GDP Singh18 जन॰ 20206 मिनट पठनस्वतंत्रता संग्राम में करसोग का योगदान - मास्टर तुलसीराम गुप्ता की कलम से...आत्म परिचय स्वर्गीय श्री दिलाराम महाजन स्वतंत्रता सेनानी, करसोग, संस्मरण पर आधारित लेख - ‘उन्हीं की जबानी’ लेखक – मास्टर तुलसी राम...
ahtv desk18 जन॰ 20203 मिनट पठनहिमाचल प्रदेश में भी उठी थी गदर की गूंजगदर की गूंज[1] वारली धारा, पारली धारा गूंजो गदरा री आवाज, विदेशी हुकूमत खत्म करीके ल्यावणा पंचायती राज विभिन्न रियासतों में हो रहे यह...
ahtv desk12 जन॰ 20202 मिनट पठनपारंपरिक रूप से बच्चे गीत गा गा कर बाजर से मांग रहे हैं पारंपरिक रूप से बच्चे गीत गा गा कर बाजर से मांग रहे हैं लोहड़ी लुप्त होती लोहड़ी गायन की पंरपरा को बचाने की जरूरत है प्राचीन सुकेत रियासत...
ahtv desk7 जन॰ 202010 मिनट पठनसुकेत के दूम्हकथा करसोग डा. चमनलाल मल्होत्रा (सुकेत के दूम्ह नामक लेख, डा. चमनलाल मल्होत्रा द्वारा लिखित पुस्तक ‘हिमाचल का क्रांतिकारिक इतिहास’ से लिया...
ahtv desk5 जन॰ 202011 मिनट पठनसुकेत रियासत का इतिहासकथा करसोग - गगनदीप सिंह अप्रैल 1948 में भारत में विलय से पहले सुकेत रियासत कांगड़ा हिल स्टेटस का भाग होती थी। सुकेत रियासत का कुल इलाका...
ahtv desk4 जन॰ 20209 मिनट पठनप्राचीन हिमाचल का परिचय - गगनदीप सिंह भारत के कई पर्वतीय राज्यों में से हिमाचल प्रदेश एक है। यह हिमालय पर्वत के पश्चिम में स्थित है जिसको पश्चिमी हिमालय कहा जाता...
ahtv desk27 नव॰ 20193 मिनट पठनसोमाकोठी में श्रद्धा के साथ मनाई गई बुढी दिवाली बारिश और कड़ाके की ठंड में झूम कर नाचे श्रद्धालु प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा के अनुसार मंगसरि आमवश्य की रात धुमधाम और श्रद्धा के साथ सोमेश्वर महादेव के प्राचीन मंदिर सोमाकोठी में...
ahtv desk26 नव॰ 20193 मिनट पठनकरसोग के ममलेश्वर महादेव मंदिर में धूमधाम से मनाया गया बूढ़ी दीवाली का पर्वरातभर वाद्ययंत्रों की धुनों पर गूंजती रही ममेल की शिवनगरी। आधी रात के बाद देखने को मिला अदभुत देव शक्ति का नजारा देवगुरों ने खेलते हुए...